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सुशील शर्मा

जन्म-
शिक्षा- अंग्रेजी साहित्य एवं भू विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि।

कार्यक्षेत्र-
अध्यापन, लेखन एवं

प्रकाशित कृतियाँ-
देश विदेश की विभिन्न पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में पिछले कई वर्षों से नियमित लेखन।

पुरस्कार व सम्मान-
अनेक पुरस्कारों व सम्मानों से अलंकृत।

संप्रति-
शासकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, गाडरवारा, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत

ईमेल- archanasharma891@gmail.com 

 

फूले फूल पलाश

भ्रमर धरा पर झूम कर, बैठा फूलों पास।
कली खिली कचनार की, फूले फूल पलाश।

टेसू दहका डाल पर, महुआ खुशबू देय।
सरसों फूली खेत में, पिया बलैयाँ लेय।

बागों में पुलकित कली, मंद मंद मुस्काय।
ऋतु आई मधुमास की, प्रीत खड़ी शरमाय।

पुरवाई गाती फिरे, देखो राग बसंत।
जल्दी आओ बाग़ में, भूल गए क्या कंत।

पीत वसन पहने धरा, सरसों का परिधान।
अमवा बौरा कर खिले, पिया अधर मुस्कान।

ना जाने कब आयेगें, पिया गए परदेश।
ऋतु बसंत आँगन खड़ो, आया नहिं सन्देश।

१५ मार्च २०१७

 

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