अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
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AnauBaUit maoM Da Aimata dubao kI rcanaaeM —

kivataAaoM maoM—
klpnaa
dRZ,p`it&
mah%vapUNa-
hMsaI

xaiNakaAaoM maoM—
mah%va 
vaYa-

mah%vapUNa-

mah%vapUNa- vah hO
ijasako pasa hao
idmaaga¸ lagana
AaOr
kuC kr gaujarnao kI caah.
haM¸
ek baat ja$r hOM
mah%vapUNa- haonao ko ilae
bahut kuC sahnaa pD,ta hO
baf- sao galanaa pD,ta hO
Kad saa saD,naa pD,ta hO
@yaaoMik sahnaa¸ galanaa¸ saD,naa
tInaaoM ek hI iËyaa kI
p`itiËyaaeM hOM
ijasamaoM maUlat:
lagana¸ $ica AaOr Ba`ma
samaaiht hO.

 

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