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गीतों में—
जल नहीं है
तुमसे मिलके
लाजवंती धारणाएँ
संसद के गलियारे

संकलन में-
हिंदी की 100 सर्वश्रेष्ठ प्रेम कविताएँ- नए साल में

 

 

तुम से मिलके

तुमसे मिलके
खुश रहता हूँ
तुमसे मिलके

उजले लगते
धूल धूसरित मैले से दिन
तुमसे मिलके

जग से मिलते
बंजारे मेरे सब पल-छिन
तुमसे मिलके

अनायास ही
हट जाते कुंठा के छिलके
तुमसे मिलके

वात्सल्य का
एक अजब झरना सा झरता
तुमसे मिलके

मन आँगन में
तुलसी जैसा बोध उभरता
तुमसे मिलके
 

४ फ़रवरी २००८

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