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अनुभूति में घनश्यामदास आहूजा की रचनाएँ--

नई रचना
वास्तविक खुशी

कविताओं में--
इस देश को नमस्कार
हम एक हैं
मिट्टी की गंध

संकलन में--
वर्षा मंगल– वर्षा की वो पहली बूँदें
गाँव में अलाव– इमारात की सर्दी
नया साल– नया साल मुबारक

 

वास्तविक खुशी
(त्यागपत्र देकर वापस देश लौटते हुए)

घर पर हर कोई खुशी से फूला ना समाया है
कई वर्षों के बाद आज दिन खुशी का आया है।

एक दिन भी आराम से कटता नहीं था
अकेलेपन का साया सर से हटता नहीं था।
अपने करीबों को सचमुच करीब पाया है...

जुदाई की वो घड़ियाँ कितनी लगती थी बड़ी
बस हर समय हमको नजर आती थी घड़ी।
उस घड़ी को विदा करने का समय आया है...

शुरू में सोचा था यहाँ है दो चार साल रहना
कैसे रोक लेते हैं ये पेट्रो डॉलर क्या कहना।
अब कहीं जा के लालच से मोहभंग हो पाया है...

घर पर हर कोई खुशी से फूला ना समाया है
कई वर्षों के बाद आज दिन खुशी का आया है।

1 सितंबर 2007

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।