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अनुभूति में डॉ. हरेंद्र सिंह नेगी की रचनाएँ

कविताओं में-
गधोत्सव
पानी की तेज़ धारा
उन्मादी
राजा और वजीर

तीन छोटी कविताएँ-
कवि प्यार करता है, घर और पहाड़

 

उन्मादी

एक शहर उनका भी है
जहाँ वे
अपनी चिंताओं के साथ जी रहे हैं
उनकी चिंताओं में यह भी शामिल है कि
अब तक वह हथियार न बना पाए
जो सारी दुनिया को गुलाम बना सकें
उन्हें अपने अंत की चिंता नहीं
वे बहुत जल्दी
अपना ख़ौफ़ पसरता देखना चाहते हैं
उनकी चिंता है,
लोग पूरे आस्तिक क्यों नहीं हैं
कि इंसानियत को नेस्तनाबूत करने के लिए
धार्मिक रंगरुट
तैयार कर सकें

३ मार्च २००८

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