अंजुमनउपहार कविकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम
गौरवग्रंथ दोहेरचनाएँ भेजेंनई हवा पाठकनामा पुराने अंकसंकलन
हाइकु हास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतरसमस्यापूर्ति

 


अनुभूति में नचिकेता की रचनाएँ -

नए गीत-
उमंगों भरा शीराज़ा
जेहन में
तेरी हँसी
प्यार का रंग
बेहद अपनी
मृदु संगीत कला का
सपनों का नीड़

कविताओं में-
मेरा यूटोपिया

गीतों में-
खुले नहीं दरवाज़े
जो कुछ भी कहना है
दोपहर
रात
शब्दों ने जो बात कही है
शाम
सुबह
हवा की गंध

संकलन में-
वसंती हवा-फूले फूल पलाश

हिंदी की सौ सर्वश्रेष्ठ प्रेम कविताएँ-थके नयन में सुबह

` उमंगों भरा शीराज़ा

मीठे सपनों-सी
उगती तुम
मेरी आँखों में

गर्म पसीने की
छलकी बूँदों सी ताजा हो
प्यार, हँसी, उल्लास, उमंगों
भरा शीराज़ा हो
हो सुगंध की कंपन
वनफूलों की
पाँखों में

कैलाये गेहूँ की
बाली सी हो गदराई
मंजरियों से लदी हुई
फागुन की अमराई
गुच्छे-गुच्छे
फूल रही
सहजन की शाखों में

छूकर तन-मन का
रेशा-रेशा मुस्कानों से
उम्दा गीतों को रच देती
लय, स्वर-तानों से
मेरी खातिर
तुम हो एक
करोड़ों-लाखों में

1 जून 2007

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकविकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्रामगौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलनहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँ दिशांतरसमस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।