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नीरज गोस्वामी

शिक्षा : इंजीनियरिंग स्नातक।

अनुभव : लगभग ३० वर्षों का कार्यानुभव, वर्तमान में भूषण स्टील मुंबई में असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट के पद पर कार्यरत।
रुचियाँ : साहित्य, सिनेमा, भ्रमण, लेखन।

विदेश यात्राएँ : अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस, कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया, टर्की, इटली, मलेशिया, कनाडा आदि।

इमेल : ngoswamy@bhushansteel.com

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अनुभूति में नीरज गोस्वामी की
रचनाएँ -

नई रचनाएँ-
मान लूँ मैं
वो ही काशी है वो ही मक्का है
साल दर साल

दोहों में-
मूर्खता के दोहे

अंजुमन में-
आए मुश्किल
उन्हीं की बात होती है

कहानी में
कुछ क़तए
कुछ रुबाइयाँ
कौन करता याद
कौन देता है कौन पाता है
जहाँ उम्मीद हो ना मरहम की

जिस पे तेरी नज़र
झूठ को सच बनाइए साहब
तेरे आने की ख़बर
दिल का दरवाज़ा
दिल का मेरे
दिल के रिश्ते
नीम के फूल
फूल ही फूल

फूल उनके हाथ में जँचते नही
मिलने का भरोसा
याद आए तो
याद की बरसातों में
याद भी आते क्यों हो
ये राह मुहब्बत की
लोग हसरत से हाथ मलते हैं

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