अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM Aaoma p`kaSa itvaarI kI rcanaaeM

gaItaoM maoM—
Aba saavana eosao Aata hO
Aro ro ro baadla
baUMd banaI AiBaSaap

AMjaumana maoM—
K,yaalaaoM maoM

  Aro ro ro ro baadla

Aro ro ro ro baadlaŃ
zhr jaa ro dao plaŃŃ

hu[- baavarI jaao maOM
inaklaI inaSaa maoM¸
idSaaeM hI CoD,oM tao
iCpMU iksa idSaa maoM
hu[- ro maOM tao pagalaŃ

lauBaatI qaIM mana kao
jaao SaItla hvaaeM¸
khMU saca vahI Aaja
tovar idKaeM
]D,o ro maora AaMcalaŃ

Éko na kdma yao
jaao ip`yatma pukaroM¸
banaI Aaja saaOtna
yao irmaiJama fuharoM
baho ro maora kajala.

1 Agast 2006

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।