अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM praga kumaar maaMdlao kI rcanaaeM —

tIna haolaI rcanaaeM
CaoD, do Aba tao
$p tumhara
haolaI

AMjaumana maoM—
Apnaa jaIvana
iksmat nao

prda [tnaa JaInaa kOsaa
baOr
mauJapo Agar naja,r
maohnat ka pOga,ama
yaad jaba Aae
hadsao

kivataAaoM maoM—
baavajaUd [sako

saMklana maoM—
vaYaa- maMgala–barKa ranaI

  baOr

baOr iksaI kao nahIM flaa hO.
tumanao Kud Apnao kao Claa hO.

Aadma ko hr $p maoM ]naka
Allaa¸ Apnaa rama jalaa hO.

maOM BaI [MsaaM¸ tU BaI [MsaaM¸
@yaaoM hmamaoM SaOtana plaa hOĆ

kOsao kh doM ga,Or marogaa¸
haqa BaI Apnao¸ Apnaa galaa hO.

poT tao raoTI hI maaMgaogaa¸
naÔrt sao kba kama calaa hOĆ

16 A@tUbar 2005

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।