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पराग कुमार मांदले


 

जन्म:
२४ जुलाई १९७२ को उज्जैन(मध्य प्रदेश) में।

शिक्षा:
विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से हिंदी साहित्य में एम.ए., डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विद्यापीठ, औरंगाबाद(महाराष्ट्र) से पत्रकारिता स्नातक(स्वर्णपदक)।

कार्यक्षेत्र:
दैनिक अग्निपथ, उज्जैन से पत्रकारिता का प्रारंभ। कल्याण(गीताप्रेस, गोरखपुर), दैनिक देवगिरि समाचार(तरुण भारत प्रकाशन, औरंगाबाद)एवं दैनिक लोकमत समाचार(लोकमत समूह प्रकाशन, औरंगाबाद)में १९९१ से १९९८ तक पत्रकारिता।
बारह वर्ष की आयु में पहली कविता एवं कहानी प्रकाशित। समाचार-पत्रों में राजनीति, युवा, साहित्य, अध्यात्म, खेल आदि विभिन्न विषयों पर सैंकड़ों लेख, दैनिक व साप्ताहिक स्तंभ, साक्षात्कार आदि प्रकाशित। रेडियो/टीवी धारावाहिकों का लेखन। विभिन्न रंगमंचीय तथा निर्देशन कार्यो में संलग्न।

प्रकाशित रचनाएँ:
भारतीय ज्ञानपीठ, नयी दिल्ली से एक कहानी संग्रह 'राजा, कोयल और तंदूर' प्रकाशित।

संप्रति:
भारतीय सूचना सेवा के अंतर्गत विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली में कार्यरत।

ई मेल :
paragmandle@hotmail.com

 

अनुभूति में पराग कुमार मांदले की रचनाएँ—

तीन होली रचनाएँ-
छोड़ दे अब तो
रूप तुम्हारा
होली

अंजुमन में-
अपना जीवन
किस्मत ने
परदा इतना झीना कैसा
बैर
मुझपे अगर नज़र
मेहनत का पैगाम
याद जब आए
हादसे

कविताओं में-
बावजूद इसके

संकलन में—
वर्षा मंगल–बरखा रानी

 

 

 

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