अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM p`dIp kaMt 
kI rcanaaeM —

kivataAaoM maoM—
Aajakla
iktnao hI rama
kOsao
icaiD,yaa AaOr kivata
icaiD,yaa kI plakaoM maoM
dIvaaroM
bacapna
ima~ ko janma idna pr
yaMU hI
ivaSvaasa
Sabd pk rho hOM

 

 

iktnao hI rama

sad- fSa- kI trh
zNDa Sahr

jahaM kI thaM
jama saI ga[- hOM
BaavanaaeM

idlaaoM AaOr dhSat ko baIca
izzk sao gayao hOM
sambanQa

BaUK bahla rhI hO
p`Saasainak DNDaoM sao
AaOr mauhllaa Cap AaËmaNaaoM sao

iktnao hI rama

AaOr majabaUr maOMÑ
band drvaaja,o pr
AasqaaeM pZ,nao kao

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।