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प्रेमरंजन अनिमेष

 

पटना निवासी प्रेमरंजन अनिमेष का जन्म 1968 में आरा (बिहार) में हुआ। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में सनातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है।

'मिट्टी के फल' तथा 'कोई नया समाचार' (कविताएँ)। बांग्ला, पंजाबी, अंग्रेज़ी और जर्मन में अनूदित हो चुकी हैं।

उन्हें कविता के लिए 'भारत भूषण पुरस्कार: 2004' से सम्मानित किया गया है। कतिपय कहानियाँ भी प्रकाशित एवं पुरस्कृत हुई हैं।

 

अनुभूति में प्रेमरंजन अनिमेष की रचनाएँ—

अंजुमन में—
नई रुत (लंबी ग़ज़ल)

कविताओं में—
बंद
बचे हुए लोग
बाज़ार में इंतज़ार
लिफ़्टमैन
लौटना

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।

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