अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM sauroSa yaadva  kI
rcanaaeM—

kivataAaoM maoM—
caar CaoTI kivataeM
maaTI ka GaD,a
yah Sahr iksaka hO
irSto
raomaanaI baaoQa
sa%ya

  irSto

KUna ijanaka BaI huAa hO
ijaM,dgaI ko caaOraho pr
irSto vao tmaama
KUna ko qao
ijasma pr imalao
ifr Gaava ijatnao
saBaI tao
Apnao hI naaKUna ko qao.

1 A@tUbar 2006

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।