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आमचुनाव में
क्योंजी आप कहाँ चूके?
खूब विचार किए
नाम लिखा दाने दाने पर
बेपेंदी के लोटे
मुस्कान ये अच्छी नहीं
ये उत्सव के फूल
हम चुनाव में हार गए

 

बेपेंदी के लोटे

ये गोल गोल, ये ढोलमोल
ना लंबे हैं, ना छोटे हैं
ये  .बेपेंदी के लोटे हैं

है रीढ़ नहीं, हैं दाँत नहीं
इनके कोई सिद्धांत नहीं
ये ब्रह्मचर्य की दिव्य देह पर
ढीले बँधे लंगोटे हैं
ये गोल-गोल ये ढोलमोल
ना लंबे हैं ना छोटे हैं
ये बेपेंदी के लोटे हैं

इनको वह कुछ स्वीकार नहीं
जिसका ढीला आकार नहीं
ये उतना ज़्यादा शोर करें
जब होते जितने थोथे हैं
ये गोल गोल ये ढोलमोल
ना लंबे हैं ना छोटे हैं
ये बेपेंदी के लोटे हैं

ये इधर जाएँ ये उधर जाएँ
सुविधा ढलान पर उतर जाएँ
जो अवसर देखा लगा लिया
इन पर अनगिनत मुखौटे हैं
ये गोल-गोल ये ढोलमोल
ना लंबे हैं ना छोटे हैं
ये बेपेंदी के लोटे हैं

16 मई 2007

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