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चम्पा के फूल से

 

 
झोंका हवा का आया है चम्पा के फूल से
आलम ख़ुशी का बरपा है चम्पा के फूल से

अपने वतन की गाथा है चम्पा के फूल से
सारा जहान महका है चम्पा के फूल से

आँगन में मेरे खिल उठी देखो बहार है
घर का पता भी चलता है चम्पा के फूल से

सूरज कि किरणे लाई हैं अमनो सकून भी
जलवा तमाम बिखरा है चम्पा के फूल से

गुलशन में फूल खिल उठे महकी बहार भी
मौसम पे रंग छाया है चम्पा के फूल से

चंदा के साथ देखिए तारे भी गा रहे
रातों में मन भी भाया है चम्पा के फूल से

"आज़र" तेरे ख़याल का सानी नहीं कोई
तेरा भी नाम चमका है चम्पा के फूल से

पुरुषोत्तम अब्बी 'आज़र'
१ जुलाई २०१३

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