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तेरे आने की खबर से

 

 
तेरे आने की
खबर जब सुनी फिज़ाओं ने
चंपा के फूलो की इक चादर बिछा दी है

आसमान से
एक बादल का टुकड़ा आया
तेरे लिए इक हसीं झूले की
शाख बना दी है

चम्पई से हो गए है दिन
सुरमई सी रातें
जर्रो जर्रो ने हो के सुनहरा
तुझे लाल चुनर ओढा दी है

भीगे से इस सौंधे मौसम में
महक उठे हरसू फूल
प्यार ने हो के मेहरबान
तुझ पे रियासतें वार दी हैं

चाँद की चाँदनी, सूरज की किरन
ग़ज़ल हो शायर की तुम ए नाज़नीन
खुदा ने भी
तुमको सदा खुश रहने की दुआ दी है

-ललिता करमचंदानी
१ जुलाई २०१३
 

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