अंजुमनउपहारकाव्य संगमगीतगौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहे पुराने अंक संकलनअभिव्यक्ति कुण्डलियाहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतर

tIna Ébaa[yaaM

  ek

gaulamaaohr ko fUla sao mauJao Ésavaa[- hO
ibaK,r jaata hO jaba BaI hvaa Aa[- hO
hmaaro naataoM mao [saka kao[- vajaUd nahIM
jauda naa kBaI haonao kI ksama Ka[- hO

dao

gaulamaaohr kI rMgaIna CTa iGar Aa[- hO
kaoyala [k gaIt nayaa ifr laa[- hO
calaao hma saMga mao gaunagaunaayaoM [sakao
ijaM,dgaI bana kr [k bahar Aa[- hO.

—samaIr laala 'samaIr'

tIna

yaa mauJao saMdlaI sahr do do
yaa toro haqaaoM sao ja,hr do do
yaa maoro dr tk ibaCo kaMTaoM kao
ek Ahsaasa–e–gaulamaaohr do do

—maaohna vamaa- 'saaihla'

16 jaUna 2006

 

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter