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पावन पेड़ महान
 
 
प्राणों का आधार हैं, देते जीवन दान
पीपल सब में श्रेष्ठ है, पावन पेड़ महान।

आदि सनातन काल से, पूजित है अश्वत्थ
देवों का आवास है, तरुओं में शीर्षस्थ।

ग्रह बाधाओं को हरे, पूजें प्रातः काल
मनोकामना पूर दे, कटे कष्ट का जाल।

धरती पर आकर बसें, ब्रह्मा विष्णु महेश
पीपल तरु में वास हो, हरते सबके क्लेश।

पर्यावरण रक्षा करे, प्रहरी बन दिन रात
वृक्ष लगा कर रोक लें, दूषित हो नहिं वात।

पीपल को जन पूजते, करें मनौती मान
धागा उसे लपेटते, उसे कल्पतरु जान।

मूल-छाल, फल-पात से, करता गृह-उपचार
छाया, नीड़ व आसरा, देता पर उपकार

--ज्योतिर्मयी पंत
२६ मई २०
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