अरे कोरोना तुझे नमस्ते

 

 
पापा घर में रहिये न
कोई कहानी कहिये न

बाहर जाना ठीक नहीं
हमें घुमाना ठीक नहीं
थोड़ा मोड़ा सहिये न
पापा घर में रहिये न

घर में रहना अच्छा है
सबकी इसमें सुरक्षा है
कुछ दिन ऐसा करिये न
पापा घर में रहिये न

कुछ दिन की तो बात है
बीतेगी जो रात है
बात समझना चहिये न

भीड़ भाड़ से बचिए आप
हाथ को अपने रखिये साफ़
नहीं कोरोना कहिए न
पापा घर में रहिये न.

- मोहम्मद जलालुद्दीन खान
१ जून २०२०

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