गुझिया भरी परात

 

 
लाया गुझिया, रंग है, होली का त्यौहार
तैयारी में जुट गया, पूरा ही परिवार

तुझ बिन गुझिया भाय ना, होली रंग बहार
लगे मिठास फीकी मुझे , आए ना भरतार

गुजिया औ मिष्ठान से, करूँ प्रेम इजहार
भाईचारे को लिए, आया यह त्यौहार

बूढ़े अँगना में सिकी, गुझिया भरी परात
परंपरा जिंदा रखे, संस्कृति की सौगात

गुजिया, गूजे का लगा, घर -घर में अंबार
रस्म निभाने के लिये, आया यह त्यौहार

यू ट्यूबों पर है लगा, गुझिया का दरबार
नयी नस्ल विधि सीखती, खोल नेट के द्वार

कामनाओं में महकती, गुझिया की मधु गंध
व्हाट्सऐप पर गूँजते, गीतों के अनुबंध

होली की शुभकामना , गुझिया भी हो साथ
जश्न मनाती हर गली, लिए हाथ में हाथ

होली की शुभकामना, और अबीर गुलाल
आयी मंजू 'द्वार पर, गुझिया का ले थाल

- डॉ मंजु गुप्ता
१ मार्च २०२१

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