दोहे-

 
अंबरीष श्रीवास्तव माँ की महिमा
अंसार कंबरी कलजुगी दोहे
अनूप अशेष फागुनी दोहे
अमीर खुसरो अमीर खुसरों के दोहे
अशोक अंजुम पानी नदिया प्यास
घुटी घुटी सी कोठरी
अशोक गीते बेटी
आनंद कृष्ण दिन भर बोई धूप
आनंद डॉ. यू एस फैलाएँ सद्भाव
हुए सुवासित
बदल गया अब आदमी
आचार्य संजीव सलिल फागुनी दोहे
आर सी शर्मा आरसी दिवाली के दोहे
आलोक श्रीवास्तव म्मा
आलोक के दोहे
कन्हैयालाल शर्मा राजनीति की नीति
कबीरदास कबीर के दोहे

कमलेश भट्ट कमल

छे दोहे

किशोर कुमार कौशल

मुंबई

कैलाश गौतम

सर्दी के दोहे
वसंती दोहे

गोविंद अनुज

वसंती दोहे

डॉ. गोपाल बाबू शर्मा

फागुनी दोहे

जय चक्रवर्ती

राजनीति के दोहे

जगदीश व्योम डॉ.

ग्यारह दोहे

तुलसीदास

तुलसीदास के दोहे

दिनेश शुक्ल

गुलमोहर के फूल

नरेंद्र परिहार एकांत

फूलों के बागान

नरेश शांडिल्य

छोटा हूँ तो क्या हुआ

नागार्जुन

नागार्जुन के दोहे

निदा फ़जली

निदा फ़जली के दोहे

एक दोहा गरमी का

गोपाल दास नीरज

नीरज के दोहे

नरेंद्र परिहार एकांत

फूलों के बागान

नरेश शांडिल्य

छोटा हूँ तो क्यो हुआ

पवन चंदन

पवन चंदन के दोहे

प्रदीप दूबे

जेठी दोहे

प्रभु त्रिवेदी

सूरज की पहली किरण

प्रेमचंद सहजवाला

जीवन रेगिस्तान सा

पूर्णिमा वर्मन

बारिश के दोहे

गुलमोहर की छाँह

सर्दी में नया साल

होली के दोहे

नए साल के दोहे

बंशीधर अग्रवाल

बेटियाँ

बरसाने लाल चतुर्वेदी

पैरोड्यावली

बालकृष्ण शर्मा नवीन

सोलह दोहे

ब्रज किशोर पटेल

दीपक दोहे

ब्रजकिशोर वर्मा शैदी

वंशज अमृत-पुत्र के

भारत भूषण आर्य

गरमी के दोहे

भारतेंदु हरिश्चंद्र

मातृभाषा के प्रति

मनोहर शर्मा माया

काँव काँव कौवे करें

महेन्द्रप्रताप पांडेय 'नंद'

कवि मर्म

यश मालवीय

पावस के दोहे

गर्मी के दोहे

नई सदी के दोहे

रघुविन्द्र यादव
रज़ा रामपुरी

जुगनू भी अब पूछते...
मोहिनी सूरत

रहीमदास

रहीम दास के नीति के दोहे

राकेश त्रिपाठी

जाड़े में गाँव

राकेश शरद

बड़े लोग

राजेन्द्र वर्मा
राजेश कुमार नचिकेता
राजेश चेतन

चमक उठी तलवार
कलयुग
आधुनिक दोहे

रामसनेही लाल शर्मा यायावर

ग्रीष्म के दोहे
विवेकानंद के दोहे

रामेश्वर दयाल कांबोज हिमांशु

वासंती दोहे
गाँव की चिट्ठी

विजय तिवारी 'किसलय

माँ दुर्गा को समर्पित

विनय कुमार मिश्र

फूलों का नाम

शारदा मिश्रा

शीत लहर

शिवनारायण सिंह

बादल लिए गुलाल

शिव प्रसाद कमल

पाहुन है रसराज

शैलेंद्र शर्मा

तप से ही संसार में
रिश्ते

सत्यनारायण सिंह

प्रेम के दस दोहे
प्रेम- दस और दोहे
दीवाली दोहे

सत्यवान वर्मा 'सौरभ'

सुधरेंगे हालात (बीस दोहे)

सनातन कुमार बाजपेयी सनातन

दाँव पेंच के जाल में

सरदार कल्याण सिंह

कल्यान के दोहे

चुनावी चालीसा

ग्रीष्म पचीसी

दिवाली के ग्यारह दोहे

मजदूर

मूर्ख

सीताराम गुप्ता

काग़ज़ के फूल

श्यामल सुमन

दोहों में व्यंग्य

सुरेंद्र सुकुमार

धूप के पाँव

सुरेश उपाध्याय

मेरे दोहे उपदेश

कुछ संकलित दोहे

हरे राम समीप

प्रश्नोत्तर चलते रहे

हेमंत रिछारिया

निकले थे घर से कभी

संकलित दोहे