लॉकडाउन रट गया है

 

 
देश अब अँग्रेजियत से पट गया है
'लॉकडाउन' अनपढ़ों को रट गया है

इस तरह 'डिस्टेंस' की पट्टी पढ़ाई
दूध पीकर, दूर बच्चा हट गया है

सिर्फ़ उसके भाग्य में कटना लिखा था
गाँव से कल, अब शहर से कट गया है

'वायरस' का खेल भी कैसा अजूबा
पत्नियों का प्रेम तक भी घट गया है

हर घुमक्कड़ आज घर के रूम में है
और..'टी वी, फेसबुक ' से सट गया है

जेठ में तो एक भी बादल नहीं था
मावठे के बीच कैसे फट गया है

ट्रेन सारी बन्द हैं, यह सूचना थी
और टेशन? भीड़ से लो, पट गया है

सब लगे हैं तोड़ने सारी व्यवस्था
वह बचाने मोर्चे पर डट गया है

चाँद बोला गर्मियों में साथ दूंगा
जब घड़ी आई, फटाफट नट गया है

फर्श पूरे देश का समतल करेगा
वक्त लेकर हाथ में दुरमट गया है

- दिनेश प्रभात
१ जून २०२०
 

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