मातृभाषा के प्रति


हिंदी बने सभी की भाषा

हिं
दी बने सभी की भाषा
सरल सहज जन-जन की आशा
अपनी ताकत से भरपूर
हर भारतवासी का नूर

हिंदी है रस की गगरिया
ज्ञान ध्यान का बहता दरिया
राग रंग रस जिसमें आकर
होता है संपूर्ण
हर भारतवासी का नूर

हिंदी भारत की पहचान
शब्दावलि की अनुपम खान
भाँति भाँति के शब्द मुहावरे
जिसमें हैं भरपूर
हर भारतवासी का नूर

हिंदी को समृद्ध बनाए
दूर दूर तक हम ले जाएँ
उनको भी हिंदी सिखलाएँ
जो हैं इससे दूर
हर भारतवासी का नूर

--आभा खरे

१० सितंबर २०१२

 

 

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