मातृभाषा के प्रति

 

 

 

 

हिन्दी है सुसंस्कृत

हिंदी है सुसंस्कृत
मैत्री की सूत्रता
सरल है,मीठी है
ओजस्विनी है हिंदी
अप्रतिम है लुभावनी है
मेरे देश की परिचायक है हिंदी

हिन्दी है सागर
तुलसी, कबीर, मीरा की गागर
कवि सूर और तुलसी की आदर
स्वयं सिद्धा हिंदी
पहुँची विश्व पटल पर
वैज्ञानिक छवि लिए
विश्व बंधुत्व निभाती हिंदी

मंजुल भटनागर 
९ सितंबर २०१३

 

   

 

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