होली है!!
यह कैसी होली
ये कैसी होली है ? ज्वालाएँ हैं, हर मोड़ पर आज, सड़कों पर फैला रंग लाल! गुलाल का तो मोल है फिर भी, बंटता बेमोल, लहू आज, इधर उधर छींटे उड़े, यहाँ वहाँ बिखरा पड़ा, उड़ाया लोगों ने ऐसे, जैसे, हो कोई लूट का माल!
है कैसी होली ये इस साल!
- आस्था
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