उत्तम कार्तिक मास

 

 
बारह मासों में सदा, उत्तम कार्तिक मास
नारायण के रूप में, करें ईश जल वास

सूर्योदय से पूर्व ही, करें नदी में स्नान
कार्तिकी कृष्ण प्रतिपदा, पाएं पुण्य महान

तुलसी का पूजन किया, किया निरंतर स्नान
धन्य हुई तब रुक्मिणी, पा रानी का स्थान

वध कर तारकासुर का, कार्तिक हुए महान
तब से मास कार्तिक का, यही जगत में नाम

सब मासों में कृष्ण को, अति भाए यह मास
बरसे कृपा कुबेर की, बने कृष्ण का खास

भोर सांझ कोई करें, जो दीपों का दान
अक्षय फल फिर प्राप्त हो, दुख का हो अवसान

सत्कर्मों का माह है, अन्न वस्त्र कर दान
नियम सात्विक पाल ले, दान व्रत अनुष्ठान

- सरस दरबारी
१ नवंबर २०२५

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