हर दिशि मंगल गान

 

 
यम यमुना के स्नेह सा भैया दूज त्योहार
भाव-विभोर हो तिलक करें बहना भरी दुलार
करवा धरे सुहागिनें पति का हो कल्यान
यह त्योहारी मास है
हर दिशि मंगल गान

पीतल चाँदी स्वर्ण क्रय सुख समृद्धि और आन
लक्ष्मी जी की साधना युगों युगों की बान
सागर मथकर अमृत घट लाए धन्वन्तरि भगवान
पूजें तेरस पर सभी
उनका यह अभियान

कृष्ण पक्ष जगमगा उठा लौट आए श्री राम
उपहारों की मौज और दीपोत्सव अनुष्ठान
महिना तुलसी दीप का जो औषध की खान
हर शाखा विज्ञान की
दे रही उचित सम्मान

- मधु संधु
१ नवंबर २०२५

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