राम बने अंतःकरण

 
मन के घोड़ों की कसो
ऐसी तेज लगाम
राम बने अन्तःकरण
देह अयोध्या धाम

सुने अनसुने कर दिए
संतों के उपदेश
देह बनी लंका पुरी
मन बैठा लंकेश

पाँव धरेंगे राम जी
कुटिया देर सवेर
चख चख रक्खो तो तनिक
शबरी जैसे बेर

- रमेश गौतम 
१ अप्रैल २०१९२२ अप्रैल २०१३

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