राम कहो आराम मिलेगा

 
  राम कहो आराम मिलेगा
सुख मन को अविराम मिलेगा

जग को ख़ुशियाँ देकर देखो
तुमको दिन अभिराम मिलेगा

क्षणिक वेदना से मत डरना
छाया के सँग घाम मिलेगा

बाँटोगे जो मन से सबको
सुबह नहीं तो शाम मिलेगा

बोओगे यदि बीज आम का
तब ही समझो आम मिलेगा

राहों में भटके किस्से को
निश्चित सुखद विराम मिलेगा

कर्म कल्पना होगी सुंदर
तब ही सच्चा दाम मिलेगा

- कल्पना मनोरमा
१ अप्रैल २०२०

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