प्रभु राम ने

 

नैतिक जीवन मूल्यों को साकार किया प्रभुराम ने,
अत्याचारी दुष्टों का प्रतिकार किया प्रभुराम ने।

सच्चाई का मर्यादा का मार्ग चुना अनुसरण किया,
शरणागत का प्रेमपूर्ण सत्कार किया प्रभुराम ने।

सब समान हैं कोई छोटा और अछूत नहीं होता,
हर मानव को गले लगाया प्यार किया प्रभुराम ने।

अनगिन कष्टों की आँधी में डटे रहे टूटे न झुके
दृढ़ साहस से हर संकट को पार किया प्रभुराम ने।

धरती के प्राणी-प्राणी को जीने का अधिकार दिया,
सब जीवों से स्नेह भरा, व्यवहार किया प्रभुराम ने।

सुत, पति, बंधु, शिष्य, राजा का धर्म सदा निर्वाह किया,
भक्तिभावना का जग में संचार किया प्रभुराम ने।

जननी जन्मभूमि को अपने प्राणोँ से भी प्रिय समझा,
जनसमाज को इसी हेतु तैयार किया प्रभुराम ने।

सुरेन्द्रपाल वैद्य
२२ अप्रैल २०१३

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