मैं हिंदी माँ की बेटी

मैं हिंदी माँ की बेटी सुन
सौ करोड़ गाने वाले हैं
सोच रही मैं अब बस ये ही
अच्छे दिन आने
वाले हैं

विश्व पटल पर खडी हुई मैं
देख स्वयं को हुलसाती
हाँ अपने घर के झगड़ों से
मन ही मन तो दुःख पाती

फिर भी है विश्वास चुभे जो
पिन सारे जाने
वाले हैं

खड़े हुए हम विश्व पटल पर
भाषाएँ सारी सीखें
लेकिन मैं तो अपनी हूँ बस
संग मेरे सारे दीखें

पहन मेरा बासंती चोला
सब जग में छाने
वाले हैं

ड्योढ़ी-ड्योढ़ी जाकर अब तो
मेरा अलख जगाना है
मेरे देश के वीर सपूतों
मुझको अब अपनाना है

सत्ता के गलियारे भी तो
अब मुझको गाने
वाले हैं

- गीता पंडित    
१ सितंबर २०१५

 

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