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पिता के लिये
पिता को समर्पित कविताओं का संकलन
 

 


पिता का साया

पिता का साया
सुख की ठंडी छाया
अमृत फल

पिता मित्र से
चट्टान से अटल
अमृत-कुंड

कठोर बोली
अखरोट से पिता
नरम दिल

प्यारे पिता श्री
बलखाता सागर
स्वर्णलहर

चँदा की आब
ज्ञान का उजास हैं
रवि से पिता

- मीनाक्षी धन्वंतरि
१५ सिंतंबर २०१४

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