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फूल ने सीखा
 
 
१
फूलों जैसी सफल जिंदगी
प्यार मुहब्बत और बंदगी
रंग लुभावने विविध सुगंध
औरों के हित भरी जिंदगी

२
रंग रूप आकार निराले
देख तुम्हें हों सब मतवाले
बागों से आ सजते घर भी
फूल सभी के हृदय चुरा लें

३
रंग बिरंगे पुष्प अनेक
सज जाता गुलदस्ता एक
खुशियाँ भर दें मिलके संग
परिवारों में सब हों नेक।

४
सजा रही घर को गृहणी फूलों से
मुस्कुरा खुद निबट रही शूलों से
तन -मन सर्वस्व न्योछावर करना
सीख लिया ये मंत्र जिसने फूलों से

५
हर लें नकारात्मक ऊर्जा जो सदा
रंग- रस- सुगंध- मकरंद मधुर सदा
खुशी -गम हो पूजा- अर्चना अवसर
निभाने साथ आते हैं सुमन सदा

- ज्योतिर्मयी पंत
१ जून २०१८

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