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मुस्कान बताए है
 
 
मुस्कान बताये हैं
घर में अच्छे दिन
अब वापस आये हैं

है फूल कि चेहरा है
रंग गुलाबों का
गालों पर ठहरा है

पल खुशियों के चुनकर
लाल-गुलाबी दूँ
घर-गुलदस्ते में भर

घर-बार सजाना है
फूल बहाना हैं
पि रूठे मनाना है

गुनगुन से चहका है
आहट है किसकी
घर महका-महका है

- परमजीत कौर'रीत'
१ जून २०१८

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