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प्यारी सी मुस्कान
 
 
१
अधरों पर रखना सदा प्यारी सी मुस्कान ।
ज्यूँ भिनसारे ओस में कुश का प्रथम नहान।।

२
अति विनम्रता घातक है फूलों से लो ज्ञान ।
कोमलता मुर्झा गई काँटो मे है जान।।

३
लेकर जादू की छड़ी परी फेरती हाथ।
पाती पाती खिल गई सब फूलों के साथ।।

४
आनंद अति फागुन में पुलकें मन मे प्रीत।
चार गुना फूले फले साजन हो मनमीत।।

५
सोने जैसे दिन लगे चाँदी जैसी रात।
स्वर्ग जैसी लगे धरा सब करमन की बात।।

- त्रिलोचना कौर
१ जून २०१८

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