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वक्त बदल गया है
वक़्त बदल गया है
यहाँ नहीं होती ज़रूरत
मुहूर्त की
हो जाता है विवाह
शनि को भी और रवि को भी।
गृह प्रवेश के लिए
नहीं पड़ती ज़रूरत
क्योंकि नहीं होता कोई
शुभ मुहूर्त, बस
छुट्टी होनी चाहिए।
यहाँ
होली पर नहीं होता रंग
ईद मनाते हैं दफ़्तर में
यह एक अलग देश है
और सच तो यह है
वक़्त बदल गया है
४
मई २००९ |