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पवन दीक्षित

जन्म-
12-12-62 को दनकौर (गौतम बुद्ध नगर) उ. प्र. में।
मंच के कवियों में जाना पहचाना नाम।

ई मेल-
kavipawandixit@gmail.com

 

जिसके भाई सभी पहलवानी करें

उससे हम क्यों भला छेड़खानी करें
जिसके भाई सभी पहलवानी करें

माना उससे कोई ख़ूबसूरत नही
है कोई दिल कि जिसमें वो मूरत नहीं
पसलियाँ एक हो जाएँ जिस प्यार में
मुझको उस प्यार की अब ज़रूरत नहीं
उसपे क़ुर्बान क्यों ये जवानी करें...
जिसके भाई...

हाथ पैरों से मोहताज़ हो जाऊँ मैं
एक टूटा हुआ साज़ हो जाऊँ मैं
इश्क़ के इस झमेले में क्यों ख़ामख़ा
आई एम से आई वाज़ हो जाऊँ
मैं मुफ़्त में क्यों फ़ना ज़िंदगानी करें...
जिसके भाई...

क्यों कहूँ झूठ मैं उनसे डरता नहीं
ऐसी हिम्मत का दावा मैं करता नहीं
उसके भाई कहीं ना मुझे देख लें
उस मोहल्ले से भी मैं ग़ुज़रता नहीं
उनके जूते मेरी मान-हानी करें...
जिसके भाई...

जिस पे ख़तरा हो उसपे क्यों ट्राई करें
सबसे पिटते फिरें जग हँसाई करें
उसके भाई जो ठोकें सो ठोकें मगर
राह चलते भी मेरी ठुकाई करें
अपनी काया से क्यों बे-ईमानी करें...
जिसके भाई...

बात करने का भी है नहीं हौसला
बेहतरी है सुरक्षित रखें फ़ासला
भाइयों कि पिटाई झिलेगी नहीं
बस यही सोच के कर लिया फ़ैसला
ख़त्म अपनी यहीं पर कहानी करें...
जिसके भाई...

24 दिसंबर 2007

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