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घना कद्दावर अशोक
 

घना कद्दावर अशोक
बारह माह हरहराता, लहलहाता
किसी अनुशासित
द्वारपाल सा
चौकस कर्तव्य निभाता।

सहज नैसर्गिक सौंदर्य लिए
यह हर्षोल्लास का पेड़
अशोक पत्र से बने बन्धनवार
है मंगल कल्याण की मेड़।

सामान्य वनस्पति नही यह
फूल -फल -पत्र- बीज का औषधिगार
अपने मे समेटे
जादुई स्वास्थ्य अम्बार।

समृद्धि का कुबेर
अनुराग का मदन बाण
नकारात्मक ऊर्जा ध्वंसक
मंगल, धर्म संरक्षक ।

आदि से अंत तक
स्वर्ग से धरती तक
कालिदास से द्विवेदी तक
महक और विस्तार ।

रावण की नगरी मे
सीता थी सुरक्षित
क्योकि अशोक वाटिका
थी उसका सुरक्षा कवच ।

- मधु संधु
१ अगस्त २०१८

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