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कमल (हाइकु में)

   नहाए बैठे
मीठी-मीठी गंध से
देखो आज कमल।

धुन बनाए
ये चुलबुली झील
झूमे कमल।

प्रेम की वर्षा
फूलों पर करता
भँवर दल।

नहाए बैठे
मीठी-मीठी गंध से
देखो आज कमल।

चमक रहा
माथे की बिंदिया सा
लाल कमल।
 
भरे हुए है
चाँदनी का आँचल
श्वेत कमल।

लजाती झील
आलिंगन करता
प्यारा कमल।

सिसकी झील
कैसे खिलेंगे फूल
पाट दी गई।

थिरके झील
कमल जब संग
लाज भुलाए।

नन्हीं तितली
खेले आँख मिचौली
कमल संग।

भावना कुँवर
२१ जून २०१०

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