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        पावन है यह मास

 
धर्म, संस्कृति, प्राकृतिक, हर दृष्टी से खास।
चैत्र कहें पंचांग का, पावन है यह मास।।

चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा, नया वर्ष का पर्व।
विक्रम संवत पर सभी हिन्दू करते गर्व।।

नए फूल नव पत्तियाँ, नव जीवन का भान।
ऋतु वसंत का आगमन, प्रकृति करे सम्मान।।

माँ दुर्गा आराधना, राम जनम त्योहार।
पूजन हो गणगौर का हनुमत जय जय कार।।

जन्म भी झूले लाल का, माने सिंध समाज।
कहते चेटी चंद हैं, मंगल हों सब काज।।

इसीलिए इस माह का है महत्व भरपूर।
युगो युगो से चल रहा, घर घर ये दस्तूर।।

- शरद तैलंग
१ अप्रैल २०२६

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