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        गर्मी में

 

शिमला नैनीताल रिझाए गर्मी में
शीतलहर की याद सुहाए गर्मी में

दिल को तर कर देते हैं आहिस्ता से
ठंडा कुल्फी मन को भाए गर्मी में

हर की पौड़ी पर डुबकी लेने पहुँचे
पुण्यों को गोदी भर लाए गर्मी में

स्वेद कणों से राहत दे हँसते हँसते
अंबुआ की छैंया फुसलाए गर्मी में

पिछली गर्मी आग लगी थी झुग्गी में
बुधिया आँसू खूब बहाए गर्मी में

बस जाती है पछवा में मीठी खुशबू
हलकू जब हुक्का सुलगाए गर्मी में

रोम रोम में रस सींचे ताजा ताजा
गोरी का सिंगार लुभाए गर्मी में

- अश्विनी कुमार विष्णु 
१ मई २०२१

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