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        गर्मी के मौसम में

 

मिले कैसे भला राहत यहाँ गर्मी के मौसम में
तपे जाते हैं धरती आसमाँ गर्मी के मौसम में

जनावर और पशु,पक्षी, मनुज व्याकुल हैं सारे ही
निकलती जाए है जैसे कि जाँ गर्मी के मौसम में

सताती थी कभी जो धुंध की दीवार पर चढ़कर
न जाने छुप गई ठंडक कहाँ गर्मी के मौसम में

बड़ा खुश हो रहा इंसान ईंटों के उगा जंगल
नज़र आते न पेड़ों के निशां गर्मी के मौसम में

मजूरी करने मुफ़लिस को निकलना पड़ता है घर से
है सर्दी में बयां ये ही बयां गर्मी के मौसम में

बुलाओ बादलों को रोष सूरज का तनिक कम हो
फुहारों! आ सुनाओ दास्तां गर्मी के मौसम में

- परमजीत कौर 'रीत'
१ जुलाई २०२६

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