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      आज रंग है
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आज रंग है मीत
खेलो रंग टेसू पीत

कुछ मिटे ये जलन
कैसी लागी ये लगन
धाए जब से विदेश
कैसे भेजूँ मैं संदेश
फीकी हुई ये चुनरिया
कैसे लागे मेरा जिया
तुम तो भूले प्रेम रीत
होली आई मन मीत

उठे जिया में हिलोरें
दर पे करूँ हूँ निहोरे
करें लोग जब किलोलें
घाव दिल के वो खोलें
खाली आँगन जिया के
रहें आस में पिया के
गाते विरहा के गीत
गए दिन-रैना बीत

- इला सिंह 
१ मार्च २०२६

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