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अन्यायी को दंड दो
(दोहे)

 
कर में धारण कर लिया, प्रभु ने जब कोदण्ड
रावण के दश शीश के हुए शताधिक खण्ड

जिसके कारण राम ने दिया दुष्ट को दण्ड
कर कमलों में सज रहा वही दिव्य कोदण्ड

नगर प्रकाशित कर रहे अनुपम दीप अखण्ड
सजा यशस्वी राम का तेजस्वी कोदण्ड

सत्य, धर्म और न्याय का है प्रतीक कोदण्ड
सभी लोक में व्याप्त है जिसका तेज प्रचण्ड

रघुवर के कोदण्ड से हुई सत्य की जीत
जन-जन में जागृत हुई मानवता से प्रीत

- मिथिलेश दीक्षित
१ अक्टूबर २०२५

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