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       अक्षर और सनातनी

 

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अक्षर और सनातनी, दो शब्द एक भाव
चिन्तन मनन विहार को, ये है सुगठित नाव
ये है सुगठित नाव, चार पतवारों वाली
गरुड़ ध्वजा से युक्त, अठारह पंख विशाली
निम्बार्क द्वैत-अद्वौत. मार्ग पर चलती सत्वर
शब्द ब्रह्म या नाद, सभी में बसता अक्षर

- लक्ष्मीनारायण गुप्त
१ फरवरी २०२६

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