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      नितिन उपाध्ये की मुकरियाँ

 

१.
चाहूँ कि वह मुझे घुमाए
कितने उसको फोन लगाए
देख के आते दिल है डोला
क्या सखी साजन? ना सखि ओला
 
२.
इडली-डोसा, चाट-पकौड़ी
पानी-पूरी, दही कचौड़ी
क्या खाओगी पूछे फरफर
क्या सखी साजन? ना सखी वेटर

३.
ऊँचे-ऊँचे चढ़ता जाए
देख के इसको जी घबराए
उसके आगे हर कोई बौना
क्या सखी साजन? ना सखी सोना

४.
इसके बिन तो खीर न भाती
रसमलाई भी नहीं सुहाती
क्या मेरी हालत कर दीनी
क्या सखी साजन? ना सखि चीनी

५.
आसमान में है ले जाता
फिर धीरे से नीचे लाता
होती हूँ मैं आगबबूला
क्या सखी साजन? ना सखी झूला।

- नितिन उपाध्ये
१ अगस्त २०२६

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