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सुषमा दुबे की मुकरियाँ

 

१
शूर वीर वो है कहलाता
विश्व उसकी बात मानता
ऊंचा है उसका स्थान
क्या सखि साजन ?
ना हिंदुस्तान!

२
विश्व गुरु है उसका नाम
शांति फैलाना उसका काम
देता है वो सबको राहत
क्या सखि साजन?
ना री भारत!

३
बिना बात के शोर मचाता
धीरे से घर में आ जाता
याद दिला दी मेरी नानी
क्या सखि साजन
ना सखी.... पानी
४
उसके नाम से सब घबराए
जिस घर जाए उसे रुलाए
उसके नाम से आए रोना
क्या सखि साजन?
नहीं कोरोना
५
बेमौसम आकर डरपाए
आकर रोज मुझे भरमाए
दिन देखे ना देखे रात
क्या सखि साजन
ना ....बरसात

- सुषमा दुबे
१ अगस्त २०२६

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