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आई है जन्माष्टमी
     

 





 

 


 




 


आई है जन्माष्टमी, धूम मची चहुँ ओर
चलो मनाएँ आ सखी, मनवा नाचे मोर

विष्णु बाद के आठवें, कृष्ण हुए अवतार
ब्रज भू पर अवटार ले, दिया कंस को मार

जन्मोत्सव की आज तो मची हुई है धूम
गोकुलवासी हैं सभी, रहे ख़ुशी से झूम

पूत देवकी-वासु के, लिया यशोदा पाल
तारे सबकी आँख के, गोकुल के हैं लाल

खत्म किया आतंक को, छाया ब्रज उल्लास
चमत्कार कर नित नए, बढ़ा रहे विश्वास

अदभुत पावन प्रीत की, राधा एक मिसाल
मीराबाई बाँवरी, कान्हा बिन बेहाल

बाँधा रक्षासूत्र जो, कृष्ण बचाई लाज
प्रीत कृष्ण से जोड़ लो, पूरण होंगे काज

अर्जुन के बन सारथी, दिया उसे निर्देश
दूर किये संशय सभी, दे गीता उपदेश

-सरिता भाटिया
१८ अगस्त २०१४

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