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नया वर्ष मंगलमय हो!
 
जैसा भी था गया पुराना
नया वर्ष मंगलमय हो!

रहे बहुत से स्वप्न अधूरे
मन के निश्चय हुए न पूरे
बना समय ही कुशल मदारी
और रहे हम तुच्छ जमूरे
खोले शायद
नियति खज़ाना
नया वर्ष मंगलमय हो!

मची हुई है मारा-मारी
कौन पड़ेगा किस पर भारी
बम फूटे या दगे मिसाइल
जाएगी मानवता मारी
थमे युद्ध का
ताना-बाना
नया वर्ष मंगलमय हो!

सबके अपने दृष्टिकोण हैं
न्यून किसी के वृहत् कोण हैं
अपना ही मत सर्वश्रेष्ठ है
और सभी के पंथ गौण हैं
हठधर्मी को
क्या समझाना
नया वर्ष मंगलमय हो!

आशा और कामना करते
मन से प्रबल भावना करते
सबके जीवन में खुशियाँ हों
प्रभु से यही प्रार्थना करते
रोज़ हर्ष का
रहे बहाना
नया वर्ष मंगलमय हो!

- अमित      
१ जनवरी २०१८

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