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       स्वागत है नववर्ष

 

स्वागत है नववर्ष तुम्हारा
इक दूजे का बने सहारा

हम ऊँचें शिखरों तक जायें
अब तक नहीं मिला वह पायें
सृजनकर्म हो धर्म हमारा
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

आओ नूतन ज्योति जलायें
भीतर का तम दूर भगायें
ऐसा हम करके दिखलायें
चमके भारत बनकर तारा
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

खुशहाली की लिए चाह हम
प्रगति पथ पर कदम बढ़ायें
व्दे‌‌ष घृणा आपस में ना हो
फैलायें सब भाईचारा
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

आओ लें संकल्प नया हम
फूले-फले विश्व यह सारा
हर दिन हर पल में यह गूँजे-
हर दिशि यह संकल्प हमारा
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

- सुरेन्द्र कुमार शर्मा
१ जनवरी २०२१

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